24x7 गौ रेस्क्यू हेल्पलाइन: +91 76652 5281180G व 12A रसीदेंEnglishहिंदी
गौ रक्षा आपातकालीन सेवा समितिचंडावल नगर (पाली), राजस्थान
[पूरी चौड़ाई की तस्वीर: सुनहरी शाम में बचाई गई गाय के माथे पर स्वयंसेवक का हाथ]

वह मदद के लिए पुकार नहीं सकती।

पर आप उसके जीवन की वजह बन सकते हैं।

हर रात घायल और बेसहारा गायें हमारी सड़कों पर दर्द में पड़ी रहती हैं। हमारी एम्बुलेंस, हमारे डॉक्टर और हमारे सेवक उन तक पहुँचते हैं — क्योंकि आप जैसे लोग मुँह नहीं फेरते।

हर दान पर 80G कर छूट · 80G व 12A रसीदें तुरंत व्हाट्सऐप पर

5000+सड़कों से बचाई गई ज़िंदगियाँ
350गायें जिनका घर अब हमारी गौशाला है
24x7एम्बुलेंस, हर एक रात
1200+परिवार जो हर महीने सहयोग करते हैं
हाईवे पर एक रात

जब रात 2 बजे कोई हमें फ़ोन करता है, तब क्या होता है

आपकी सेवा असल में इसी का खर्च उठाती है — सिर्फ़ चारा और दवा नहीं, बल्कि दर्द और राहत के बीच के वे घंटे।

रात 2:04एक ट्रक ड्राइवर का फ़ोन आता है। टोल प्लाज़ा के पास एक युवा गाय को टक्कर लगी है और वह खड़ी नहीं हो पा रही।
रात 2:31हमारी एम्बुलेंस उस तक पहुँचती है। एक सेवक सड़क पर उसके पास बैठकर उसे शांत करता है और ट्रैफ़िक को दूर रखता है।
रात 3:15उपचार केंद्र पर डॉक्टर उसकी टूटी टाँग जोड़ते हैं। उसे पानी, गर्माहट और दर्द की दवा दी जाती है।
दिन 24वह फिर से अपने पहले कदम रखती है। आज वह हमारी गौशाला में घूमती है — और गुड़ देखते ही दौड़ी चली आती है।

हर रेस्क्यू एक फ़ोन कॉल से शुरू होता है — और एक दानदाता से।

[तस्वीर: रात का रेस्क्यू — सेवक गाय को एम्बुलेंस में चढ़ाते हुए]
[डॉक्टर टाँग का उपचार करते हुए]
[उसके पहले कदम, दिन 24]
आपकी सेवा, उसके जीवन में

छोटा सा दान। सच्चा उपचार।

चुनिए, आज आप उसे क्या देना चाहेंगे।

₹501

एक गाय के लिए एक सप्ताह का हरा चारा और साफ़ पानी।

उसे चारा दें
सबसे लोकप्रिय
₹1,100

घायल गाय के उपचार के लिए दवाइयाँ और मरहम-पट्टी।

उसका उपचार करें
₹2,100

एक आपातकालीन एम्बुलेंस रेस्क्यू का ईंधन और टीम का खर्च।

उसे बचाएँ
₹5,100

एक महीने की पूरी देखभाल — भोजन, आश्रय और डॉक्टर।

उसे घर दें
रेस्क्यू कहानी

गौरी के पेट में 20 किलो प्लास्टिक

वह कूड़े के ढेर पर मिली, इतनी कमज़ोर कि खड़ी भी नहीं हो पा रही थी। पशु चिकित्सक ने 4 घंटे के ऑपरेशन में उसके पेट से 20 किलो पॉलीथिन निकाली।

मैं हर महीने अपनी माँ के नाम पर ₹1,100 देती हूँ। गौशाला से आने वाली तस्वीरें हर बार उनके चेहरे पर मुस्कान ले आती हैं।

अनीता अग्रवाल

मासिक सेवक, जयपुर

सेवा कार्य

सड़क किनारे से स्वस्थ होने तक

आपातकालीन बचाव

वाहन की टक्कर, नाले में फँसी या भूख से गिरी हुई गाय — हमारी एम्बुलेंस हर कॉल पर, किसी भी समय, किसी भी मौसम में पहुँचती है। हमने आज तक कोई कॉल अनसुनी नहीं छोड़ी।

उपचार एवं शल्य चिकित्सा

हड्डी टूटना, गहरे घाव, कीड़े पड़े घाव और पेट में पॉलीथिन। जिन मामलों में दूसरे हार मान लेते हैं, हमारे पशु चिकित्सक उनका इलाज करते हैं — और ठीक होने तक साथ रहते हैं।

24x7 एम्बुलेंस सेवा

हाइड्रोलिक लिफ्ट, स्ट्रेचर और प्राथमिक उपचार किट से सुसज्जित हमारी गौ एम्बुलेंस चौबीसों घंटे तैयार रहती है। प्रशिक्षित सेवक घायल गायों को सुरक्षित उठाकर हमारे उपचार केंद्र तक लाते हैं।

आश्रय एवं चारा

बूढ़ी, अंधी, अपाहिज या बेसहारा — ये गायें फिर कभी सड़कों पर नहीं लौटेंगी। हमारी गौशाला में उन्हें जीवन भर हरा चारा, साफ़ पानी, छाया और प्यार मिलता है।

अंतिम संस्कार

जिन गायों को बचाया नहीं जा सका, उनका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार। कोई भी जीवन यूँ ही नहीं फेंका जाता — हर गौमाता को आदर के साथ विदाई दी जाती है।

जागरूकता अभियान

स्कूलों और बाज़ारों में यह समझाना कि प्लास्टिक गायों की जान कैसे लेता है, और ज़रूरत में पड़ी गाय की मदद कैसे करें। हम आसपास के गाँवों में निःशुल्क जाँच और टीकाकरण शिविर भी लगाते हैं।

तत्काल अभियान

वे नंगे फ़र्श पर ठीक हो रही हैं। उनके लिए एक वार्ड बनाने में हमारी मदद करें।

हमारा उपचार शेड 20 गायों के लिए बना था, पर आज उसमें कहीं ज़्यादा गायें हैं। एक साथ 100 घायल गायों के लिए नरम फ़र्श, पंखों और सहारा देने वाले स्लिंग वाला ढका हुआ उपचार वार्ड बनाने में हमारी मदद करें।

0 लोगों ने ₹14,50,000 जुटाएलक्ष्य ₹25,00,000
उनका साथ दें
उसके जीवन का हिस्सा बनें

जुड़े रहने के तीन तरीके

[गाय का चेहरा]

मासिक सेवा

₹501 प्रति माह से। ऐसी देखभाल जो कभी नहीं रुकती, उन दिनों भी जब आप भूल जाएँ।

मासिक सेवक बनें
[बछड़े का चेहरा]

गाय गोद लें

उसे एक नाम दें। व्हाट्सऐप पर उसकी तस्वीरें और स्वास्थ्य की जानकारी पाएँ।

आपका इंतज़ार कर रही गायों से मिलें
[गाय को खिलाता बच्चा]

गौशाला आइए

अपने हाथों से उन्हें खिलाइए। परिवार को साथ लाइए। समय बुक कीजिए।

अपनी यात्रा तय करें
हमारे सेवकों की बात

वे बार-बार क्यों लौटते हैं

मैं हर महीने अपनी माँ के नाम पर ₹1,100 देती हूँ। गौशाला से आने वाली तस्वीरें हर बार उनके चेहरे पर मुस्कान ले आती हैं।

अनीता अग्रवाल

मासिक सेवक, जयपुर

अपनी पहली बचाव रात में हम हाईवे पर एक गाय के पास एक घंटे तक बैठे रहे, जब तक उसे उठाया नहीं जा सका। तब से मैंने एक भी रविवार की सेवा नहीं छोड़ी।

राहुल जैन

स्वयंसेवक

मैंने आधी रात को फ़ोन किया, यह सोचकर कि शायद कोई नहीं उठाएगा। बीस मिनट में एम्बुलेंस आ गई। एक महीने बाद मैं उससे गौशाला में मिलने गया — वह फिर से चल रही थी।

मोहन लाल पटेल

बचाव की सूचना दी

आज रात कोई हमें फ़ोन करेगा।

ताकि हम जवाब दे सकें।

आपका दान एम्बुलेंस में ईंधन और डॉक्टरों को तैयार रखता है — उस गाय के लिए जिसके लिए कोई और नहीं रुकता।

अभी दान करें