गौरी के पेट में 20 किलो प्लास्टिक
वह कूड़े के ढेर पर मिली, इतनी कमज़ोर कि खड़ी भी नहीं हो पा रही थी। पशु चिकित्सक ने 4 घंटे के ऑपरेशन में उसके पेट से 20 किलो पॉलीथिन निकाली।
गौरी शहर के किनारे एक कूड़े के ढेर पर मिली थी, इतनी कमज़ोर कि खड़ी भी नहीं हो पा रही थी। उसके पैर में संक्रमित घाव था और कई दिनों से उसने खाना छोड़ दिया था। एक दुकानदार, जो हर हफ़्ते उसे और दुबला होते देख रहा था, आख़िरकार हमारी हेल्पलाइन पर कॉल किया।
उसी रात हमारी एम्बुलेंस उसे उपचार केंद्र ले आई। जब पशु चिकित्सक ने उसकी जाँच की तो कारण साफ़ था: उसका पेट सख़्त और फूला हुआ था, उन पॉलीथिन से भरा हुआ जो वह सालों से कूड़े में से खाती आई थी।
अगली सुबह हमारी टीम ने 4 घंटे का ऑपरेशन किया और उसके पेट से 20 किलो पॉलीथिन निकाली। डॉक्टरों को भी यक़ीन नहीं था कि वह बच पाएगी। पहले हफ़्ते वह मुश्किल से हिलती थी।
"सबसे पहले उसकी आँखें बदलीं। फिर वह चलने लगी।" — हमारे मुख्य पशु चिकित्सक
छह हफ़्तों की देखभाल के बाद गौरी फिर से हरा चारा खाती है और गौशाला के दरवाज़े पर हर आगंतुक का सबसे पहले स्वागत करती है। उसकी कहानी ही वह कारण है कि हम स्कूलों और बाज़ारों में जाकर प्लास्टिक के बारे में बात करते हैं — एक-एक थैली करके।
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